बहुत से लोग यह कहते हैं कि उन्हें लिखने का शौक है लेकिन जब बात एक अच्छा आर्टिकल लिखने की होती हैं तो अधिकतर लोग मात खा जाते हैं। क्योंकि आर्टिकल लिखने का मतलब यह नहीं होता कि आप अपने मन के विचारों को सीधे तरीके से लिख दे। आर्टिकल लिखने का एक तरीका होता है ऐसे में बहुत से व्यक्ति यह सोचते हैं कि वह आर्टिकल कैसे लिखें। तो आज के इस लेख में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि आर्टिकल कैसे लिखते हैं और एक अच्छा आर्टिकल कैसे लिखा जाता है।
आर्टिकल कैसे लिखा जाता है? (How is an article written?)
इसके अलावा आपको यहाँ पर अपने हुनर को कैसे पहचानेसे जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां हासिल कर सकते है।
* आर्टिकल लिखने के लिए सबसे जरूरी बात यह होती है कि आर्टिकल लिखने वाले व्यक्ति को यह पता हो कि वह किस उद्देश्य से लिखा गया है। जी हां यह सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है कि क्या आर्टिकल लिखने का भी कोई उद्देश्य हो सकता है। लेकिन यह बहुत जरूरी है।
* आर्टिकल लिखने का उद्देश्य जानने के बाद दूसरी जरूरी बात यह होती है कि आप आर्टिकल में वह सब शामिल करें जो एक अच्छे आर्टिकल में होना चाहिए।
जब भी आप आर्टिकल लिखना शुरू करें तो सबसे पहले आप जिस विषय पर आर्टिकल लिखने जा रहे हैं उसे विषय पर पूरी जानकारी हासिल कर लीजिए। जिससे कि आपके पास कंटेंट इकट्ठा हो जाए अब बस आपको उस कंटेंट को एक अच्छी भाषा में लिखना है।
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आर्टिकल को तीन भागों में लिखा जाता है (The article is written in three parts)
• शीर्षक: किसी भी लेख का शीर्षक उस लेख की जान होती है क्योंकि सबसे पहले व्यक्ति किसी लेख का शीर्षक ही पढ़ता है। यदि आप शीर्षक को बहुत ही आकर्षक बनाएंगे तो लोग उसे पढ़कर आपके लेख को पढ़ना अवश्य पसंद करेंगे।
• बायलाइन: इसके बाद किसी भी लेख में बाय लाइन लिखी जाती है। यहां पर लेख लिखने वाले व्यक्ति का नाम आता है जिससे कि उस व्यक्ति को ख्याति प्राप्त करने में भी मदद मिलती है और उसके लेख कभी पढ़ना चाहे तो वह उसके नाम से सर्च कर सकते हैं।
• मुख्य भाग: इस हेडिंग के तो आप नाम से ही समझ गए होंगे कि आपका पूरा कंटेंट इसी भाग में जाता है। आपने उस विषय पर जितनी भी रिसर्च की है उसे इस भाग में लिख दीजिए।मतलब कि आपका कंटेंट बहुत अच्छा होना चाहिए। आपके कंटेंट की भाषा इतनी आकर्षक और प्रभावी होनी चाहिए कि वह लोगों को आसानी से समझ में भी आ सके और लोगों को अपनी ओर आकर्षित भी कर सके।
लेकिन याद रहे कि आपको अपनी भाषा बहुत ही सरल और प्रभावी रखनी है आपको ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना है जो किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। लेख को लिखते वक्त व्याकरण का भी विशेष ध्यान दें। लेख के इस भाग को आप पैराग्राफ में भी लिख सकते हैं। आप किसी भी लेख में तीन से चार पैराग्राफ आसानी से ऐड कर सकते हैं।
आर्टिकल लिखने के लिए अन्य महत्वपूर्ण बातें (Other important things for writing articles)
इतना ही नहीं बल्कि आप यहाँ पर बाते करने का तरीका की महत्वपूर्ण जानकरियों का अध्यन कर सकते है।
आर्टिकल लिखने के लिए और भी बहुत सी बातें होती है जिनका ध्यान एक लेखक को रखना चाहिए।
• किसी भी लेख को लिखने के लिए लेखक को एक ऐसे वातावरण की जरूरत हो सकती है जहां पर वह आसानी से लिख सके। इसीलिए जब भी आप कोई लेख लिखने जाए तो बहुत ही शांत वातावरण का चयन करें। आप किसी पार्क में बैठकर लिख सकते हैं क्योंकि हरियाली में बैठकर आपको अच्छे विचार आएंगे।
• सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप भिन्न भिन्न शब्दों का चयन करें एक ही शब्द का इस्तेमाल बहुत बार न करे। कोशिश करें कि एक शब्द की पर्यायवाची शब्दों को भी लिखा जाए जिससे कि लोगों को उन्हें ढूंढने में आसानी हो और आपका लेख प्रभावी लगे।
• जब भी आप कोई लेख लिखना शुरू करें तो इस बात का ध्यान रखें कि आपको पढ़ने वाली ऑडियंस दुनिया के किसी भी कोने से हो सकती है और वह किसी भी वर्ग से संबंध रख सकती है।। जरूरी नहीं है कि जो व्यक्ति आपका लेख पढ़ रहा हो उसे उसे विषय पर सामान्य जानकारी भी हो। इसीलिए कोशिश करें कि जब भी आप किसी विषय पर लिखे तो उसके बारे में शून्य से लिखना शुरू करें।
• कोशिश करें कि आप अपने अनुभव के साथ लिखने का प्रयास करें। मतलब की लेख के विषय को अपने अनुभव से जोड़ने का प्रयास करें या फिर जिंदगी से जुड़े उदाहरण दे, लोगों की रियल लाइफ से जुड़े हुए थोड़े बहुत उदाहरण देने का प्रयास करें इससे लोगों की आपके लेख में दिलचस्पी बढ़ेगी।
निष्कर्ष – (Conclusion)
हम आशा करते हैं कि हमारे इस लेख से आपको यह पता चल गया होगा कि आर्टिकल कैसे लिखते हैं। हमने इस लेख में आपको आर्टिकल लिखने का तरीका बताया है लेकिन आर्टिकल का अंतर का कंटेंट आपको खुद ही पढ़ने योग्य बनाना होगा। आप इस लेख से संबंधित कोई भी सुझाव हमें कमेंट सेक्शन के माध्यम से दे सकते हैं।