दिमाग का कचरा निकालना वास्तव में एक अच्छा जीवन जीने के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। यहां पर दिमाग का कचरा निकालने से हमारा आशय कचरे से नहीं है बल्कि दिमाग में भरे अशुद्ध विचार और फालतू के विचारों से है। यह निकालना बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता हैं। क्योंकि जब आपके दिमाग में कचरा भर जाता है तो आपका जीवन सुचारु रूप से नहीं चल पाता। आइए हम आपको बताते हैं कि दिमाग का कचरा कैसे निकाले।
दिमाग का कचरा निकालने के तरीके
व्यक्ति यह तो जानता है कि उसके दिमाग में बहुत ज्यादा कचरा भर गया है। लेकिन वह यह प्रश्न हमेशा स्वयं से भी करता है और लोगों से भी कि दिमाग का कचरा कैसे निकाले। तो हम इसी प्रश्न का उत्तर आज आपको देने जा रहे हैं।

* यदि व्यक्ति सच में अपने दिमाग का कचरा निकालना चाहता है तो उसके लिए सबसे पहले जरूरी यह है कि वह स्वयं से प्रश्न करना शुरू करें। याद रखिए जिस दिन व्यक्ति स्वयं से प्रश्न करना शुरू कर देता है उस दिन वह आधी समस्या का अंत कर देता है। आपको यह पूछना चाहिए कि आपके जीवन में भूतकाल में कोई ऐसा रिश्ता रहा है जो आपसे काफी दूर हो चुका है।
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लेकिन आप आज भी उस रिश्ते को अपने साथ लेकर चल रहे हैं उस रिश्ते का बोझ ढो रहे हैं जो आपके दिमाग में बहुत से फालतू भर बातें भर दे रहा है। यदि हां तो आपको उसे सबको अपने दिमाग से निकाल कर फेंक देना चाहिए और एक नए जीवन की शुरुआत करनी चाहिए।
* दिमाग का कचरा कैसे निकाले प्रश्न का सबसे सरल उत्तर यह है कि आपको चीजों को अपनाना चाहिए। जब आप चीजों को स्वीकार करना शुरू कर देते हैं तो आपका जीवन ठीक तरह से चलने लगता है। अब मान लीजिए आप वर्तमान में किसी बहुत ज्यादा गहरी समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन आप उसे स्वीकार ही नहीं करना चाहते हैं।
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बस भविष्य को लेकर चिंतित है तो आपका वर्तमान भी खराब होगा। ऐसे में जरूरी है कि आप उसे समस्या को स्वीकार करें और उससे लड़ने के लिए तैयार हो जाए। आपको अपने मन में कभी भी अधूरेपन का भाव नहीं रखना चाहिए। अनिश्चिता भी नहीं रखनी चाहिए आपको हर चीज को लेकर निश्चित होना चाहिए और स्वयं को हमेशा पूर्ण महसूस करना चाहिए।
दिमाग का कचरा निकालना सीखे
ऐसे बहुत से कारण है जिनकी वजह से मनुष्य के दिमाग में कचरा भर जाता है और यकीन मानिए दिमाग के कचरे को निकालना बहुत ज्यादा जरूरी है। इसी कारण से हम आपके सामने यह लेख लेकर आए हैं जिसका उद्देश्य आपको यह बताना है कि दिमाग का कचरा कैसे निकाले।

* दिमाग का कचरा निकालने की राह में एक कदम मेडिटेशन भी हो सकता है और यह बहुत ज्यादा अच्छा तरीका साबित होता है दिमाग के कचरा को निकालने के लिए। आपको कुछ भी नहीं करना है आपको रोजाना आधे घंटे मेडिटेशन करना है। इससे आपको बहुत ज्यादा सुकून का एहसास होगा और ऐसे तत्व जो आपको तनाव दे रहे हैं या फिर आपकी चिंता का कारण बन रहे हैं और आपको बार-बार आकर परेशान कर रहे हैं वह मेडिटेशन की मदद से दूर किया जा सकते हैं।
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आपको एक ऐसी चीज पर ध्यान केंद्रित करना है जो आपको सबसे ज्यादा अच्छी लगती हो या फिर आपको एक केंद्र बिंदु बनाकर उस पर ही ध्यान केंद्रित करना है और अपने मेडिटेशन में इधर-उधर की बातें बिल्कुल भी नहीं सोचनी है। यदि आप ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करेंगे तो यकीनन आप दिमाग के कचरे को काफी हद तक निकाल पाएंगे। इससे आपकी भावनाओं के साथ ही आपका बौद्धिक विकास भी होता है।
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* सोशल मीडिया के इस युग से कोई भी दूर नहीं रहा है। आजकल हर व्यक्ति सोशल मीडिया पर है और जितना फेस टू फेस एक दूसरे से बात नहीं करता है उतना सोशल मीडिया पर बात करते हैं। ऐसे में यदि दो व्यक्तियों में अनबन हो जाती है और वह एक दूसरे से बातचीत नहीं कर रहे होते हैं तो वह बार-बार जाकर उनका सोशल मीडिया अकाउंट चेक कर रहे होते हैं।

यह एक बहुत ज्यादा चिंता का विषय साबित हो सकता है क्योंकि यह चीज आपको दुख पहुंचाती है। यदि आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है तो सबसे पहले आपको ऐसे व्यक्ति का अनफॉलो कर देना चाहिए जो आपको परेशानी दे रहा है।
दिमाग में भरी गंदगी को निकालना व्यक्ति के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। यही कारण है कि हमने आपको बताया है कि दिमाग का कचरा कैसे निकाले।
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यदि आप इन तरीकों को अपनाते हैं तो भविष्य में कभी भी आपको किसी से यह पूछने की आवश्यकता नहीं होगी कि दिमाग का कचरा कैसे निकाले। व्यक्ति को जल्दी से जल्दी अपने अशुद्ध विचारों को त्याग देना चाहिए।
10 comments
हम अपने दिमाग को एक जगह पर एकत्रित कैसे कर सकते हैं और जिस चीज पर हमारा फोकस है उसे पर ही रहे इधर-उधर ना जाए ऐसी जानकारी डालिए
मेरा दिमाग एक चीजों पर नहीं लगता वह इधर-उधर दौड़ता रहता है एक जगह पर फॉक्स देने के लिए क्या करें कौन सी चीज खाएं इसकी जानकारी डालिए
अपने दिमाग को तेज कैसे बनाएं जो कुछ भी बोले कुछ भी समझाइए वह एक बारी में आ जाए मैं बार-बार एक चीज को करना ना पड़े ऐसी कोई उपाय बताइए
मैं कुछ भी चीज पढ़ता हूं या कुछ करता हूं तो मुझे अच्छे से समझ नहीं आता मेरे दिमाग में अच्छे से उठाती नहीं है तो दिमाग को तेज करने के लिए क्या करें
दिमाग का कचरा निकालने वाली बात तो बढ़िया बताई है लेकिन दिमाग को तेज कैसे किया जाए उसके लिए कौन सी एक्सरसाइज जरूरी है क्या खाना जरूरी है ताकि हमारा फोकस करियर पर रहे इधर-उधर ना भटके इसके लिए कुछ जानकारी बताइए
दिमाग का कचरा कैसे निकालते हैं यह ब्लॉगआपने अच्छा बताया है क्योंकि देखो ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि हम खुद से दिमाग का कचरा निकल हम नेगेटिव चीजों से दूर रहेंगे तो ऑटोमेटिक हमारे दिमाग का कचरा निकल जाता है हम अच्छा खाएंगे तो हमारा दिमाग जो है ऑटोमेटिक ही हमारा अच्छा दिमाग काम करेगा और हम सारी चीज पकड़ पाएंगे जो भी हम पढ़ते हैं चाहे ऑफिस का वर्क हो एक्सरसाइज योगा यह सबसे जरूरी होता है दिमाग को तंदुरुस्त रखने के लिए मानसिक संतुलन को रख अच्छा करने के लिए यह सबसे घरेलू नुस्खा है
अगर हम अपने दिमाग को अच्छे से मानसिक संतुलन को सही नहीं रख पाएंगे तो हम कहीं भी कामयाब नहीं हो सकते चाहे हमारा करियर हो जाए कोई भी गेम खेलें हो तो कृपया करके अपने दिमाग को अच्छा रखना है तो अच्छा खाई अच्छा दिखे ताकि आपको लोग अच्छा बताएं और आप हार्ड वर्क की जगह स्मार्ट वर्क करें ताकि लोग आपके दिमाग को और भी ज्यादा आपके दिमाग की तारीफ करें तो वह जबी ही होगा जब आप अपने दिमाग की एक्सरसाइज करेंगे और अच्छा खाएंगे संतुलित आहार खाना
देखो दिमाग को फिट रखने के लिए शरीर को फिट करने के लिए सबसे ज्यादा अच्छा नुस्खा होता है में हेड डाइट अगर डाइट अच्छी नहीं होगी तो हम स्वस्थ नहीं रह सकते चाहे हमारा शरीर हूं और चाहे दिमाग हो क्योंकि शरीर और दिमाग को फिट करने के लिए अच्छा वाला अच्छा खाना पड़ता है एक्सरसाइज योग बहुत जरूरी होते हैं शरीर को फिट रखने के लिए आज सुबह-सुबह घुमिया नंगे पैर घासो में ताकि आपके दिमाग को भी थोड़ी अच्छी तंदुरुस्त वाली फीलिंग आए
दिमाग को रखने के लिए जरूरी नहीं होता कि हम अच्छा खाएं वह अपने ऊपर बात होती है उम्र के हिसाब से हमारा दिमाग चलता है क्योंकि हमें जब छोटे होते हैं तो हमें अपने करियर पर इतना फोकस नहीं देना होता जब तक हमारी 10th और 12th ना हो जाए यह सब कहने के लिए होती है हमें बचपन से सोचना पड़ता है कि हम बड़े होकर यह बनेंगे फौजी बनेंगे डॉक्टर बनेंगे इंजीनियर बनेंगे तो ऐसा कहीं नहीं होता 12thके इंसान का दिमाग चेंज हो जाता है और वह इंजीनियर की जगह डॉक्टर की पढ़ाई करता है डॉक्टर की पढ़ाई की जगह लोअर की करता है तो जब इंसान उम्र के हिसाब से मेच्योर होता है समझदार बनता है तो दिमाग को अच्छा रखने के लिए अच्छा खाई ताकि आपको ज्यादा सोचना समझना ना पड़े
अगर हम अपने बच्चों को शुरू से ही कंट्रोल में रखते हैं तो उसका ऑटोमेटिक ही दिमाग जो है अच्छा होता है बड़े होने के बाद बच्चों को समझाना महाभारत हो जाता है क्योंकि बच्चे नहीं समझ पाए क्योंकि वह ऐसे जनरेशन में चले जाते हैं कि सिर्फ उनको दोस्ती गर्लफ्रेंड यह सब ही दिखती हैं तो कृपया करके अपने बच्चों को अच्छा भोजन खिलाएं और जो भी समझदार हैं वह समझ गए होंगे कि मैं किस वजह से है बात बोल रहा हूं तो कृपया करके अपने बच्चों का अच्छा भोजन खिलाए ताकि उनके दिमाग को अच्छा पोस्टिक आहार मिले और किसी भी प्रकार का कोई दिक्कत ना हो